शिमला पुलिस की नशा तस्करी के आर्थिक नेटवर्क पर कार्रवाई, सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माणों को हटाया

शिमला। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए शिमला जिला पुलिस ने अब तस्करी से जुड़े मामलों में आरोपियों की संपत्तियों की जांच और अवैध निर्माणों को हटाने पर ध्यान केंद्रित किया है। इसी अभियान के तहत पुलिस और लोक निर्माण विभाग ने चिड़गांव-रोहड़ू मार्ग पर लंबाखाटल के समीप सरकारी भूमि पर बने पांच अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इसके अतिरिक्त एक स्टोर को भी अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) मेहर सिंह पंवर के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस थाना कोटखाई के अंतर्गत एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े एक मामले की समीक्षा के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई। जांच में संबंधित आरोपियों द्वारा लोक निर्माण विभाग की भूमि पर दुकानें और स्टोर बनाए जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस और लोक निर्माण विभाग ने नियमानुसार संयुक्त कार्रवाई की।
रोहड़ू में भी अवैध रेस्टोरेंट पर हुई कार्रवाई
इससे पहले 8 अक्टूबर, 2026 को रोहड़ू क्षेत्र में नशा तस्करी से जुड़े एक अन्य आरोपी द्वारा संचालित बताए गए अवैध रेस्टोरेंट को भी प्रशासन और पुलिस के सहयोग से ध्वस्त किया गया था। पुलिस के अनुसार, शिमला जिले में नशा तस्करी से जुड़े मामलों में अवैध निर्माणों को हटाने की इस तरह की कार्रवाई पहली बार की गई है।
एएसपी मेहर सिंह पंवर ने बताया कि पुलिस ने फरवरी 2026 से नशा तस्करी के मामलों में वित्तीय जांच का दायरा बढ़ाते हुए आरोपियों की संपत्तियों का सत्यापन शुरू किया था। इसका उद्देश्य संदिग्ध संपत्तियों की पहचान करना और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
940 संपत्तियों का सत्यापन, 58 पर संदेह
पुलिस के मुताबिक, अभियान के तहत अब तक 940 संपत्तियों का सत्यापन किया जा चुका है। इस प्रक्रिया के दौरान 58 ऐसी संपत्तियों की पहचान की गई है, जिनके अवैध होने की आशंका है। इन संपत्तियों से संबंधित तथ्यों की जांच और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
पुलिस की इस पहल के तहत नशा तस्करी से जुड़े मामलों में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी ही नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक गतिविधियों तथा संपत्ति के स्रोतों की जांच पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और निर्माणों के मामलों में संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए वित्तीय जांच को महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, किसी संपत्ति का अवैध होना या उसका अपराध से संबंध स्थापित होना संबंधित तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करता है। ऐसे में पुलिस की जांच और नियमानुसार कार्रवाई के परिणाम आगामी समय में इस अभियान की दिशा स्पष्ट करेंगे।

