यूजीसी के नियम वापस लेने और सामान्य वर्ग आयोग के गठन की मांग, 10 जनवरी को दिल्ली कूच का ऐलान
शिमला। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी की सवर्ण पदयात्रा गुरुवार को करीब 600 किलोमीटर का सफर तय कर मनाली से शिमला पहुंची। यहां सचिवालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम कर दिया, जिससे शहर की सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर और करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने यूजीसी के नियम वापस लेने और सामान्य वर्ग आयोग के गठन की मांग उठाई। नेताओं ने कहा कि सामान्य वर्ग से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका विरोध भाजपा और कांग्रेस, दोनों के खिलाफ है।
प्रदर्शनकारी नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने ऐसे नियम बनाए, जिनका कांग्रेस ने भी प्रभावी विरोध नहीं किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भी निशाना साधा। नेताओं ने सामान्य वर्ग के लोगों के खिलाफ कथित झूठे मुकदमे दर्ज किए जाने का मुद्दा उठाते हुए आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने और इसे जाति के बजाय आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग की।
राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के नेताओं ने यूजीसी के नियमों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इनसे समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही, आगामी 10 जनवरी को दिल्ली कूच करने का ऐलान करते हुए आंदोलन को और व्यापक बनाने की बात कही।

