
नूरपुर, पठानकोठ नेशनल हाईवे राजमार्ग पर जहां-जहां सड़क निर्माण कार्य चल रहा है, वहां धूल-मिट्टी उड़ना आम बात है, लेकिन बारिश होते ही यही मिट्टी कीचड़ का रूप धारण कर लेती है। इससे सड़क से गुजरने वाले पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही नजारा जसूर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर देखने को मिल रहा है, जहां सड़क कीचड़ से लथपथ होने के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

क्षेत्र वासियों का कहना है कि इस मामले में ना तो व्यवस्था परिवर्तन की सरकार गौर कर रही है और ना ही केंद्र में एनडीए की सरकार जसूर क्षेत्र में जहां पर कांगड़ा चंबा लोकसभा सांसद का पैत्रक घर है उसी क्षेत्र में क्षेत्रवासी बरसात में नारकीय जीवनबिताने पर मजबूर है l जसूर के निवासी और कारोबारी पिछले करीब सात वर्षों से फोरलेन निर्माण के चलते बदहाल परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। निर्माण कार्य के कारण सड़क पर फैली मिट्टी बारिश के दौरान कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे बाजार में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। सबसे अधिक दिक्कत पैदल चलने वाले राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को होती है।इस मामले मे
जसूर व्यापार मंडल और कारोबारी वर्ग ने प्रशासन से मांग की है कि फोरलेन निर्माण कंपनी को राजमार्ग पर जमा कीचड़ को तुरंत साफ करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके। व्यापारियों का कहना है कि निर्माण कार्य के चलते पहले ही उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सड़क पर कीचड़ जमा होने से आम लोगों की परेशानी और बढ़ जाती हैl क्षेत्र की कुछ सामाजिक संस्थाओं का कहना है कि सात वर्षों से जारी निर्माण कार्य के बीच सड़क की सफाई और रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि बारिश के दौरान राजमार्ग से गुजरना लोगों के लिए मुसीबत न बने। अब देखना यह है कि प्रशासन और निर्माण कंपनी इस समस्या के समाधान के लिए कब तक प्रभावी कदम उठाते हैं।

