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अगर 15 दिन तक आरोप लगाए गए कांग्रेस संगठन नूरपुर में बैठे दो जिम्मेदार पदाधिकारीयो के खिलाफ जांच समिति गठित ना हुई सीधे एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी *

RamParkash Vats
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न्यूज इंडिया आजतक संसदीय क्षेत्र कांगड़ा -चंम्बा चीफ ब्यूरो विनय महाजन

नूरपुर से विनय महाजन नूरपुर पूर्व प्रशासनिक अधिकारी अकिल बक्शी द्वारा उपमंडलाधिकारी के कार्यलय नूरपुर मे आज मुख्यमंत्री के नाम पर एक शिकायती पत्र नायब तहसीलदार नूरपुर के माध्यम से दिया गया l शिकायती पत्र में मनरेगा पंचायत कार्यों एवं पंचायत समिति में कथित अनियमितायो की जांच के बारे में उल्लेख किया गया है l यह जानकारी एक प्रेस नोट में पूर्व प्रशासनिक अधिकारी अकिल बक्शी द्वारा आज मीडिया को दी गई हैl बख्शी ने इस संदर्भ में बताया कि अगर 15 दिन तक आरोप लगाए गए कांग्रेस संगठन में बैठे दो जिम्मेदार पदाधिकारीयो के खिलाफ जांच समिति गठित ना हुई सीधे एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी ऐसी चेतावनी उन्होंने व्यवस्था परिवर्तन सरकार के प्रशासन को दी है l कांग्रेस संगठन में बैठे दो पदाधिकारी में एक पदाधिकारी ब्लॉक स्थल का है और दूसरा जिला स्तर का है l बख्शी ने बताया कि इस शिकायती पत्र की प्रतिलिपियां डीसी कांगड़ा एसडीएम नूरपुर वीडियो नूरपुर व बिजिलेस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो को भी भेजी गई हैl बख्शी ने बताया कि नूरपुर क्षेत्र में कांग्रेस संगठन से जुड़े दो ऐसे पदाधिकारीयो के खिलाफ मीडिया के माध्यम से भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे उसको मध्य नजर रखते हुए यह कार्यवाही की गई है l बक्शी ने स्पष्ट किया कि शिकायती पत्र में मनरेगा घोटाला. बेंडर घोटाला. पंचायत समिति जसूर में दुकानों के आवाटन में अनियमितायो लेकर उनका मुख्य फोकस रहा है l उन्होंने शिकायती पत्र में इस समस्त कांड की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है l उन्होंने कहा कि जो पैसा सरकार के राजस्व में जाना चाहिए था वह नहीं गया ऐसे कई आरोप उन्होंने शिकायती पत्र में लगाए हैं

चार साल पुराने कथित मामले पर उठे सवाल, बीडीओ बोले-जांच पूरी होने तक इसे घोटाला नहीं कह सकते

न्यूज इंडिया आजतक संसदीय क्षेत्र कांगड़ा -चंम्बा चीफ ब्यूरो विनय महाजन
नूरपुर में पंचायत समिति से जुड़े करीब चार वर्ष पुराने कथित वित्तीय अनियमितता के मामले को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। चुनाव नजदीक आने के दौरान मामला उठाए जाने पर यह सवाल भी सामने आया है कि यदि कथित अनियमितता लगभग चार वर्ष पहले हुई थी तो उस समय संबंधित विभाग के ध्यान में यह मामला क्यों नहीं आया।

मामले को लेकर खंड विकास अधिकारी नूरपुर अशोक कुमार से जब पूछा गया कि उस समय विभागीय स्तर पर इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली और अब मामला सामने क्यों आया, तो उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले इसे घोटाला नहीं कहा जा सकता। वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
उन्होंने कहा कि यदि उस समय कोई अनियमितता हुई थी तो उसे उसी समय उजागर किया जाना चाहिए था, ताकि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो।

ऑडिट में मामला सामने क्यों नहीं आया?
मामले में विभागीय ऑडिट को लेकर भी सवाल उठाए गए। पूछा गया कि यदि संबंधित रिकॉर्ड का नियमित ऑडिट होता है तो कथित अनियमितता उस समय ऑडिट में क्यों नहीं पकड़ी गई।
इस पर बीडीओ अशोक कुमार ने कहा कि संबंधित रिकॉर्ड का ऑडिट होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किराया जमा हो जाता है तो उसे सामान्य तौर पर अलग से नहीं देखा जाता, लेकिन यदि किराया जमा नहीं होता है तो ऑडिट के दौरान इसका पता चल जाता है।
अखिल बक्शी के आरोपों पर जांच शुरू
बीडीओ से यह भी पूछा गया कि अखिल बक्शी ने नूरपुर में बनी पंचायत समिति में कथित घोटाले और दुकानों के आवंटन में बड़े स्तर पर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। इस पर अशोक कुमार ने बताया कि उनके कार्यालय में इस संबंध में शिकायत पत्र प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि शिकायत के आधार पर तीन सदस्यीय उच्चाधिकारियों की कमेटी गठित की गई है। कमेटी द्वारा मामले की जांच की जा रही है और उसे रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
जांच रिपोर्ट के बाद साफ होगी तस्वीर
बीडीओ ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही जिम्मेदारी तथा किसी संभावित अनियमितता की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
चार साल पुराने मामले के अब सामने आने से विभागीय निगरानी और ऑडिट व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में जांच कमेटी की रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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