संसदीय क्षेत्र कांगड़ा-चंबा | चीफ ब्यूरो — विनय महाजन | दिनांक 03-09- 2026
नूरपुर हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नियम-130 के अंतर्गत रोजगार विषय पर आयोजित चर्चा में भाग लेते हुए नूरपुर के विधायक रणवीर सिंह निक्का नूरपुर के वेटे ने विधानसभा में गरजते हुए प्रदेश सरकार पर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले पांच वर्षों में पांच लाख रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन लगभग चार वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रदेश का युवा रोजगार के इंतजार में है।निक्का ने कहा कि नूरपुर विधानसभा क्षेत्र की जनसंख्या लगभग 1.76 लाख है, जिसमें 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के करीब 47 हजार युवा हैं। वहीं प्रदेश में युवाओं की संख्या लगभग 12 लाख है, जो कुल आबादी का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने में असफल रही है, जिसके कारण युवा वर्ग निराशा की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने प्रदेश में बढ़ते नशे के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार युवाओं को नशे से बचाने में भी प्रभावी भूमिका नहीं निभा पाई है। साथ ही सरकार द्वारा लॉटरी शुरू करने की पहल की भी आलोचना करते हुए कहा कि इससे बेरोजगार युवाओं का ध्यान रोजगार से भटक सकता है।विधायक ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में चलाई गई मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से युवाओं को ट्रैक्टर, वेल्डिंग, बढ़ईगिरी, शटरिंग तथा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के लिए सब्सिडी पर ऋण उपलब्ध कराया जाता था, जिससे रोजगार के अवसर पैदा होते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने ऐसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे नहीं बढ़ाया।
निक्का ने प्रदेश में नए उद्योग स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सोलन, सिरमौर और बिलासपुर जिलों में स्थापित सीमेंट उद्योगों से हजारों लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने चंबा जिले में भी सीमेंट प्लांट स्थापित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे स्थानीय लोगों और परिवहन क्षेत्र को लाभ मिलेगा।उन्होंने नूरपुर क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि यह तीन राज्यों की सीमाओं से जुड़ा क्षेत्र है और यहां उद्योगों की अच्छी संभावनाएं हैं। उन्होंने उद्योगों के लिए बिजली दरों में कमी तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग की। निक्का ने कहा कि प्रदेश में स्थापित उद्योगों में स्थानीय युवाओं को अधिक रोजगार मिलना चाहिए और बाहरी राज्यों के लोगों पर निर्भरता कम होनी चाहिए।
विधायक ने पीपीपी मॉडल के तहत कृषि, पर्यटन और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने का सुझाव देते हुए कहा कि किसानों को भूमि उपलब्ध कराकर चंदन, पॉपलर तथा सफेदा जैसी व्यावसायिक फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जा सकता है। इसके अलावा पर्यटन क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट और होम-स्टे जैसी गतिविधियों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।उन्होंने हिमाचल में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और पत्थर उद्योग की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कट स्टोन और अन्य खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।अपने संबोधन के अंत में रणवीर सिंह निक्का ने अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश के युवाओं के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने “जय हिमाचल, जय भारत” के उद्घोष के साथ अपना वक्तव्य समाप्त किया। क्षेत्रवासियों ने नूरपुर के बेटे द्वारा विधानसभा में युवाओं के हक मे उठाए गए मुद्दों को लेकर सरकार की भेदभाव की नीति पर आलोचना की है और विधायक द्वारा इन मुद्दों की जनता प्रशंसा की जा रही है l

