संपादक राम प्रकाश वत्स
- वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन: 30+ मौतें
भारी बारिश से Katra के पास वैष्णो देवी तीर्थ मार्ग पर आए भूस्खलन में कम से कम 30 लोगों की मौत हुई। - जम्मू में 368 मिमी बारिश, नदी-नाले उफान पर
एक दिन में 368 mm बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे तवी, चेनाब और बसंतर नदियां उफान पर आ गईं। - संचार तंत्र और बुनियादी सुविधाएं बाधित
टेलीकॉम, बिजली और पानी की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। - क्षति — माधोपोर बाँध और राजमार्गों को भारी नुकसान
माधोपोर ब्रिज डैमेज हुआ; कई राजमार्ग और पुल बाधित हुए। - स्कूल और परीक्षाएं स्थगित
जम्मू, हिमाचल और पंजाब में स्कूल बंद और परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं। - IMD ने और बारिश और तूफान की चेतावनी दी
लद्दाख, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के लिए बारिश जारी रहने की संभावना बताई गई। - शेषनाग नाला में रिकॉर्ड तोड़ जल-स्तर: 6.02 फीट
Betaab Valley में शेषनाग नाले का जल-स्तर 6.02 ft पर पहुंच गया—जो अलार्म और खतरे दोनों स्तरों से ऊपर था। - जेहलम नदी खतरे के स्तर से ऊपर
Anantnag के Sangam स्थल पर जेहलम नदी का जल-स्तर फुल-एलर्ट मार्क पार कर गया। - तीन प्राकृतिक आपदाएँ: Kishtwar, Kathua, Katra में
अगस्त 14 को Kishtwar (cloudburst), अगस्त 17 को Kathua और अगस्त 26 को Katra (वैष्णो देवी) में आपदाएँ आईं। - यात्रा बाधित: वैष्णो देवी यात्रा निलंबित
तीर्थयात्रा सुरक्षा कारणों से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई। - रेल सेवाएं प्रभावित: ट्रेनें रद्द और मार्ग बदले गए
भारतीय रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट किया। - प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
पीएम नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरी संवेदना जाहिर की। - 34 से अधिक मौतें: Overall toll up
कुछ रिपोर्टों में कुल मौतों की संख्या 34 बताई गई है। - पाकिस्तान में बाढ़: 150,000+ विस्थापित
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भारी बारिश और बांधों से बाढ़ के चलते 150,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए। - India ने Pakistan को बांधों से छोड़े पानी की चेतावनी दी
भारत ने बांधों से पानी छोड़ने की सूचना पाकिस्तान को दी। - हिमालय क्षेत्र में व्यापक तबाही
हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश ने व्यापक तबाही मचाई और बाढ़ फैलाई। - 726% अधिक बारिश दर्ज
जम्मू क्षेत्र में औसत की तुलना में बारिश 726% अधिक रही—1950 के बाद का सबसे उच्च रिकॉर्ड। - 200,000+ लोगों के पाकिस्तान में विस्थापन (विस्तृत)
AP की न्यूज रिपोर्ट में पाकिस्तान में 200,000 से अधिक विस्थापितों का उल्लेख है। - प्रतीक्षालयों और राहत केंद्रों में भीड़
अस्पताल, आधार शिविर और हेल्पडेस्क में परिजन और बचाए गए लोग जमा रहे (TOI रिपोर्ट)। - राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) सक्रिय
सेना, NDRF, SDRF और गृह विभाग सक्रिय बचाव कार्य कर रहे थे। - रेस्यू ऑपरेशन में भारी बढ़-चढ़कर भागीदारी
प्रशासन, पुलिस, बचाव दल और स्थानीय स्वयंसेवकों ने बचाव में व्यापक भूमिका निभाई। - बचाव के लिए हेलीकॉप्टर और अन्य संसाधन
बचाव कार्य में हेली-लिफ्टिंग, डॉग स्क्वाड, भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया। - प्रदेश सरकारों की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला और केंद्र सरकार (PM और गृह मंत्री) घटनास्थल पर निगरानी रख रहे थे। - लाइव इमेजरी और मीडिया कवरेज का विस्तार
AP और TOI में विस्तृत फोटोग्राफी और लाइव कवरेज चल रही थी। - फ्लडलिस्ट और चेतावनी जारी
TOI जैसी संस्थाओं ने व्यापक फ्लडलिस्ट और फ्यूचर अलर्ट जारी किए, जिससे आम लोगों को जागरूक किया गया।

